ओ हंसिनी… मेरी हंसिनी…

Zehreela-Insaan-images-320cb0b2-48fd-4c18-badc-0f2c7bd0add

कुछ गीत ऐसे होते हैं जो अपना असर कभी नहीं छोड़ते। फिर चाहे किसी राह चलते हो या बालकनी में बैठे गुनगुनाते हुए, वो बरबस ही आपके होंठों पर आ जाते हैं। दफ़्तर से घर लौटते हुए भारी ट्रैफिक में फंसने के दौरान भी वो अपनी मेलोडी से हमारी तबीयत को मस्त कर देते हैं। फिल्म ‘ज़हरीला इंसान’ का गाना ‘ओ हंसिनी’ भी कुछ ऐसा ही जादू रखता है। ऋषि कपूर, नीतू सिंह और मौसमी चटर्जी की अदाकारी से सजी इस फिल्म को शायद ही अब कोई याद करता हो, लेकिन ये गाना आज भी म्यूज़िक चैनल्स और एफएम पर रह-रहकर गूंजता है।

इस गाने को लेकर एक बड़ी ही दिलचस्प बात सुनने को मिलती है। कहते हैं कि इस रूमानी गीत को आवाज़ देने के लिए अभिनेता ऋषि कपूर की पहली पसंद गायक शैलेंद्र सिंह थें। फिल्म ‘बॉबी’ में ऋषि ने शैलेंद्र सिंह से ही आवाज़ ली थीं और वो सारे गाने सुपरहिट रहे थें। ज़ाहिर सी बात है कि उन्हें भी लग रहा था कि शैलेंद्र की आवाज़ उन पर ज़्यादा फबती है। लेकिन इस फिल्म के संगीतकार राहुल देव बर्मन की सोच ऋषि कपूर से बिल्कुल अलग थी। वो इस गाने के लिए अपने पसंदीदा सिंगर किशोर कुमार की आवाज़ लेना चाह रहे थें और आख़िर में वही हुआ जो जूनियर बर्मन चाहते थें। ये गाना किशोर कुमार ने ही गाया।

ZEHEREELA INSAAN1

साल 1974 में रिलीज़ हुई ‘ज़हरीला इंसान’ बॉक्स ऑफिस पर तो नहीं टिक सकी, लेकिन इसका ये गाना धीरे-धीरे सुनने वालों की ज़ुबान पर चढ़ गया। आज इतने बरस गुज़र जाने के बाद भी इसे किशोर कुमार के गाएं सबसे रूमानी गीतों में रखा जाता है। वक़्त के साथ इसे सुनने और पसंद करने वाले भी बढ़े हैं। ख़ासकर, किशोर को चाहने वाले युवा श्रोताओं को तो ये गीत बेहद लुभाता है और शायद इसलिए भी टीवी-रेडियो पर इसे बार-बार सुनाया जाता है।

अभिनेता और निर्देशक अनंत महादेवन ने साल 2002 में रिलीज़ अपनी फिल्म ‘दिल विल प्यार व्यार’ में बॉलीवुड के कई सदाबहार गीतों को नए अंदाज़ में परोसा था। इन गीतों में ‘ओ हंसिनी’ भी शामिल था, जिसे इस बार गायक हरिहरण ने गाया था और इसे फिल्माया गया अभिनेता आर माधवन और नम्रता शिरोडकर पर। हालांकि ये नया वर्ज़न भी उस वक़्त पॉपुलर हुआ था, लेकिन ये ओरिजनल गीत का असर कम नहीं कर पाया।

madhavan

पंचम की बनाई इस अमर धुन पर शब्द गढ़े थें मजरूह सुल्तानपुरी ने। इन दोनों ही महान कलाकारों की जोड़ी बड़ी कमाल की रही है। इसी का असर है कि ताज़गी और रूमानियत से भरी इस हरदम जवान लगती कंपोज़िशन पर लिखी गई लिरिक्स भी ज़िंदा मालूम पड़ती है। ऐसे बहुत ही कम गीत मिलते हैं, जिनमें शब्दों और कंपोज़िशन का असर एक बराबर हो और इसलिए ‘ओ हंसिनी’ एक यादगार गाना बन चुका है। तो नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर आप भी इस गाने का मज़ा लीजिए और खो जाइये किशोर कुमार की बार-बार याद आने वाली मेलोडियस आवाज़ में…

Advertisements

2 thoughts on “ओ हंसिनी… मेरी हंसिनी…

  1. बहुत ही खूबसूरती से आपने (दिलीप कापसे) अन्य लोगों तक ये बात पहुँचाई है। जो गीत किशोर दा ने अपनी आवाज़ में गाई है उनका शायद ही अब कोई बराबरी कर सकता है। पुरानी गीतों में जो सादगी और मधुरता दिखती है वो अब के गानों में कहाँ। और अगर उन गीतों को किशोर दा ने अपनी आवाज़ में पेश की हो तो उन गीतों की तो बात ही अलग है। Old is always GOLD.
    My life time favorite singer is One and only KISHOR DAA.

    Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s